भीलवाड़ा पंचायत चुनाव 2026: 85.69% मतदान, सरपंच परिणाम व पूरी सूची | Gyanorbit "]
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भीलवाड़ा पंचायत चुनाव 2026: 85.69% मतदान, 326 सरपंच और लोकतंत्र की नई मिसाल

9 पंचायत समितियों, 326 ग्राम पंचायतों और 2097 प्रत्याशियों के बीच संपन्न हुआ ऐतिहासिक चुनाव—जानिए पूरी कहानी, परिणाम और नवनिर्वाचित सरपंचों की सूची।

प्रकाशन: 28 अक्टूबर 2026 · लेखक: PS Chouhan · Gyanorbit
भीलवाड़ा जिले में पंचायती राज चुनाव 2026 के दौरान मतदान करते ग्रामीण। (फोटो:[स्रोत - Facebook])

चुनाव एक नज़र में

कुल पंचायत समितियाँ9
कुल सरपंच पद326
कुल प्रत्याशी2097
कुल मतदान प्रतिशत85.69%
सर्वाधिक मतदानसुवाणा (89.31%)
न्यूनतम मतदानकरेड़ा (79.60%)
सबसे बड़ी जीतदुर्गादेवी टांक (679 मतों से)
1 वोट से जीतरेखा व्यास (उमरी)

परिचय: यह चुनाव क्यों खास है?

भीलवाड़ा जिले में अक्टूबर 2026 में सम्पन्न पंचायती राज चुनाव ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के ग्रामीण लोकतंत्र के लिए एक मिसाल कायम की। 85.69 प्रतिशत मतदान के साथ मतदाताओं ने यह साबित कर दिया कि स्थानीय शासन में उनकी भागीदारी गहरी और सजग है। 9 पंचायत समितियों की 326 ग्राम पंचायतों में 2,097 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई, और देर रात तक चली मतगणना के बाद हर पंचायत को नया सरपंच मिला।

यह चुनाव कई कारणों से याद रखा जाएगा—सुवाणा में सबसे अधिक 89.31% मतदान, पीपलूंव में दुर्गादेवी टांक की 679 मतों के अंतर से रिकॉर्ड जीत, और उमरी में रेखा व्यास की महज़ 1 वोट से जीत। इस “चुनावी जीवनी” में हम इस पूरी प्रक्रिया को शुरू से अंत तक समझेंगे और विजेताओं की पूरी सूची प्रस्तुत करेंगे।

चुनावी पृष्ठभूमि और प्रक्रिया

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज चुनाव 2026 को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया। भीलवाड़ा जिले में पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिसमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोट डाले गए। इसके बाद 24 अक्टूबर को 326 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हुआ। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चला, और उसी दिन मतदान केंद्रों पर मतगणना भी की गई।

जिले में कुल 8,91,353 मतदाता पंजीकृत थे, और 1,110 मतदान केंद्र बनाए गए थे। निर्वाचन विभाग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए। पंचायत समिति स्तर पर सरपंच पदों के अलावा वार्ड पंचों का चुनाव भी हुआ, जिससे ग्रामीण शासन की नींव और मजबूत हुई।

मतदान एवं परिणाम की मुख्य बातें

सर्वाधिक मतदान

सुवाणा — 89.31%

जिले की नौ पंचायत समितियों में सबसे अधिक मतदान सुवाणा में दर्ज हुआ। यहाँ के मतदाताओं ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का सबसे उत्साही प्रयोग किया।

सबसे कम मतदान

करेड़ा — 79.60%

करेड़ा पंचायत समिति में मतदान प्रतिशत सबसे कम रहा, फिर भी यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है और ग्रामीण जागरूकता को दर्शाता है।

सबसे बड़ी जीत

दुर्गादेवी टांक — 679 मतों से

जहाजपुर पंचायत समिति की पीपलूंव ग्राम पंचायत से दुर्गादेवी टांक ने 1,440 वोट पाकर निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 679 मतों के बड़े अंतर से हराया। यह जिले की सबसे बड़ी जीत रही।

1 वोट से जीत

रेखा व्यास — उमरी

करेड़ा पंचायत समिति की उमरी ग्राम पंचायत में पहले मतगणना में बराबरी हुई। दोबारा गिनती के बाद रेखा व्यास महज़ 1 वोट के अंतर से विजयी घोषित हुईं।

नवनिर्वाचित सरपंचों की पूरी सूची (पंचायत समिति वार)

नीचे सभी 9 पंचायत समितियों के विजेता सरपंचों की सूची दी गई है। यह सूची निर्वाचन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक परिणामों पर आधारित है।

1. सुवाणा पंचायत समिति

  • एकलिंगपुरा – प्रेमदेवी भील
  • गुवारडी – पारस माली
  • देवली – पेमा
  • कांदला – शिवराज जाट
  • रामपुरिया – उम्मेदसिंह राणावत
  • मंगरोप – छोटूलाल गाडरी
  • रूपहेली – गीता जाट
  • सांगवा – पूजा गुर्जर
  • सेथुरिया – पूनम कंवर
  • सुवाणा – पुष्पादेवी जाट
  • आटूण – कमलेश चौधरी
  • ओडो़ंगार – विश्रामलाल भील
  • पातलियास – राजूलाल जाट
  • तख्तपुरा – अनिता
  • डोबड़ा – कमला देवी रेगर
  • सेहणून्दा – आसकरण गुर्जर
  • आमदला – पारसी देवी गुर्जर
  • चिलेश्वर – नारायण लाल कुमावत
  • चावंडिया – कालू लाल
  • बेमाली – गहेरी लाल बोहरा
  • लादूवास – रामेश्वर लाल
  • गोविन्दपुरा – भगवतीदेवी भील
  • अलगवास – सुखपाल साल्वी
  • थाणा – पुष्पा कुमारी
  • निम्बाहेड़ा जाटान – रातादेवी
  • धांसार – सुरेश सिंह रावत
  • उमरी – रेखा व्यास
  • गोवर्धनपुरा – मिठू गुर्जर
  • सुलिया – कमला देवी
  • रायपुरिया – कंचन
  • चिताम्बा – दिनेश नाथ

2. माण्डल पंचायत समिति

  • ज्ञानगढ़ की झोड़ा – दयाराम कुमावत
  • आलमास – उदयलाल कुमावत
  • बावड़ी – भेरूलाल गाडरी
  • धुवाला (गां.) – जशोदा देवी भील
  • पांचवेरा – बदाम देवी खटीक
  • सिपाहियों – मुकेश कुमार भील
  • लेसवा – हीरालाल जाट
  • भादूतास – रंगलाल जाट
  • टहुका – रामेश्वरलाल गाडरी
  • करजीपुरा – नारायणी देवी साल्वी
  • संतोकपुरा – रायदेवी
  • कोलूखेडा – राजूलाल जाट
  • पितास – दुर्गेश कंवर
  • भिलाड़ी – मायादेवी
  • केरिया – अकशरी देवी
  • नीम का खेड़ा – रामलाल वैष्णव
  • गेगा – संजय धोबी
  • बैरा – सुवालाल गुर्जर
  • कबारडिया – बंडा सेवर
  • बोराडिया – रामकल्याण गुर्जर
  • डाक (सुतारिया) – बदाम देवी
  • भगवानपुरा – फलसापुरी

3. जहाजपुर पंचायत समिति

  • टीटोडा माफी – रीना देवी मीणा
  • जामोली – सुरेन्द्र मीणा
  • बेरी – शंकरलाल बैरवा
  • गंधेर – रामसहाय गुर्जर

4. बनेड़ा पंचायत समिति

  • बरण – इंद्रा देवी
  • बनेड़ा – शेरू गुर्जर
  • रामपुरिया उर्फ चावरा – नारायण लाल
  • मेघरास – शबनम बानो
  • महुआ खुर्द – सविता जाट
  • कोटड़ीया – नारायण भील
  • निंबाहेड़ा कला – नन्दराम

5. बिजौलियां पंचायत समिति

  • गंत का खेड़ा – कंचन राजपूत
  • पछाड़ोली – ओमप्रकाश मीणा
  • शुकपुरा – मुकेश धाकड़
  • शंभूपुरा – राजू कंवर
  • मांडंडी की खेड़ी – कैलाश चंद्र सुथार
  • तिलस्वां – किरण धाकड़
  • बनियों का तलाब – किशन भील
  • घटियाली – सुशीला कंवर
  • बिजौलिया खुर्द – जगरूपचंद रैगर
  • भीलपड़ा – संगीता प्रजापत
  • उंदरी का खेड़ा – देवाराम गुर्जर
  • लकडवास – लाड देवी
  • कासद – मंजू देवी
  • केरिया – लालीदेवी
  • महुवा (सलावटिया का) – लाली
  • ठुकराई का खेड़ा – दुर्गलाल धाकड़
  • सदाबहार का खेड़ा – अनिता धाकड़
  • सलावटिया – राजदेवी मीणा

6. करेड़ा पंचायत समिति

  • करेड़ा – लक्ष्मी कुमारी (निर्विरोध)
  • धापड़ा – मोहिनी देवी
  • शिवपुर – देव मेवाड़ा
  • किड़ीमाल – सीला देवी गुर्जर
  • नारेली – सुशीला रावत
  • मोता का खेड़ा – प्रभु गुर्जर
  • धुवाला (क.) – मंगीदेवी
  • दन्तेड़ी – कन्या देवी
  • उदयरामजी का गुढ़ा – राम लाल गुर्जर

7. कोटड़ी पंचायत समिति

  • धनवाड़ा – लाड देवी
  • इटावा – समता गुर्जर
  • जावल – देऊ गुर्जर
  • अखेपुर – रतनदेवी
  • गहूंली – गोपाल देवी भील
  • बड़ला – बादामदेवी नायक
  • उदलियास माफी – भूरा देवी
  • कोठाज – असगर खान
  • दांतड़ा – रामकन्या सेन
  • रेडवास – महावीर जाट
  • बलियाखेड़ा – टीना रायका
  • रासेड़ – गोपाल रैगर
  • छापरेल – आरामी देवी
  • बीरधोल – भंवरसिंह शेखावत
  • लसाड़िया – नारायणलाल गुर्जर
  • ढोकलिया – पवलीदेवी

8. मांडलगढ़ पंचायत समिति

  • धामणिया – लाड कंवर
  • रतायास – गोपाल देवी जाट
  • सरथला – सरदार सिंह मीणा
  • दौलपुरा – राजसिंह
  • गणेशपुरा – ओंकारमल बैरवा
  • रूपहालीपुर – महावीर धाकड़
  • जरखोड़ा – सोहनलाल सोलंकी
  • सुरास – शंभूलाल धाकड़
  • देवीपुरा – गयारीदेवी साल्वी
  • सिंगोली – बालीदेवी सेन
  • गोरा का खेड़ा – बलवंत जाट
  • सरस – लालीदेवी कुमावत
  • झारेड़ा (मु. पदमपुरा) – लालूराम मीणा
  • श्यामपुरा – सुशीला कंवर
  • डोड़ा – सत्यनारायण गुर्जर
  • राजपुरा – मेरीदेवी गुर्जर
  • श्रीपुरा – दीपक सिंह
  • गेणोली – मंजूदेवी शर्मा
  • जस्सूजी का खेड़ा – कार्तिक गुर्जर
  • मानपुरा – पूजा गुर्जर
  • लाड – फोरीदेवी भील
  • छाजवों की खेड़ी – रामदेवी धाकड़
  • जोला – श्यामल लाल शर्मा
  • जगपुरा – नारायण बैरवा
  • महुवा – गायत्री शर्मा
  • लादपुरा – जगदीश बैरवा
  • नीम का खेड़ा – सीतादेवी मीणा

9. खजूरी पंचायत समिति

  • बिलेठा – दुर्गा लाल मीणा
  • नांधशा – गोरा देवी
  • पीपलूंव/पीपलूंन्द – देवी टांक (दुर्गादेवी टांक)
  • भूंझर संथली – निर्मला कुमारी मीणा
  • उंथेल – भंवर सांवर
  • बरोदा-तलोदा – चैन सिंह मीणा
  • शहर का खेड़ा – सुरेश कुमार
  • किशनगढ़ – शैतान सिंह मीणा
  • बांकरा – राधिका खटीक
  • खेरूणा – नरेंद्र सिंह राजपूत
  • टीटोडा अगीर – किशन लाल मेघवाल
  • मगुणा – नंदू देवी
  • हनोतिया हबीब का खेड़ा (मु. हनोतिया) – चंदा देवी
  • अमरगढ़ – दुर्गा लाल गंवारिया
  • काबरी – निरमा देवी
  • गणेशपुरा – धनराज कंवर
  • आमादा – खुशबू देवी
  • खजूरी – नेहा पारीक
  • दधिमाता (मु. केसरपुरा) – लाडू लाल
  • बालूंद – निरमा
  • फतेहपुर गंधेरिया (मु. फतेहपुर) – अशोक देवी
  • गुढ़ा – गुरुदयाल मीणा

नोट: यह सूची निर्वाचन विभाग द्वारा जारी अंतिम परिणामों पर आधारित है। किसी भी विसंगति की स्थिति में आधिकारिक सूची ही मान्य होगी।

चुनाव के दो नायक: दुर्गादेवी टांक और रेखा व्यास

दुर्गादेवी टांक — सबसे बड़ी जीत

खजूरी पंचायत समिति की पीपलूंव ग्राम पंचायत से निर्वाचित दुर्गादेवी टांक ने 1,440 वोट प्राप्त किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 679 मतों के अंतर से पराजित किया। यह जिले की सबसे बड़ी जीत थी, जो उनके प्रति मतदाताओं के प्रबल समर्थन को दर्शाती है।

रेखा व्यास — 1 वोट से जीत

करेड़ा पंचायत समिति की उमरी ग्राम पंचायत में पहली मतगणना में दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिले। निर्वाचन अधिकारियों ने दोबारा मतगणना कराई, और अंत में रेखा व्यास महज़ 1 वोट के अंतर से विजयी घोषित हुईं। यह लोकतंत्र में हर वोट के महत्व का जीवंत उदाहरण है।

ईवीएम खराबी और रोचक घटनाक्रम

चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के व्यापक इंतजामों के बावजूद कुछ तकनीकी व्यवधान सामने आए। माण्डल के करिया, बागौर के लेसवा तथा सुवाणा के बूथ संख्या 208 पर ईवीएम मशीनों में खराबी की खबरें मिलीं। सुवाणा में लगभग 40 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा, जिसे बाद में कंट्रोल और बैलेट यूनिट बदलकर सुचारू कराया गया।

इसके अलावा, करेड़ा पंचायत समिति के गोवर्धनपुरा ग्राम पंचायत से एक दुखद खबर आई, जहाँ वार्ड संख्या 2 से नामांकन दाखिल करने वाली बाली देवी गुर्जर का शाम को तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। इस कारण उस वार्ड का चुनाव स्थगित कर दिया गया। ये घटनाएँ बताती हैं कि चुनाव प्रक्रिया में मानवीय और तकनीकी दोनों पक्ष होते हैं, और प्रशासन को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना पड़ता है।

चुनावी टाइमलाइन

3 अक्टूबर 2026

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज चुनाव 2026 का कार्यक्रम जारी किया।

22 अक्टूबर 2026

पहले चरण का मतदान

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान हुआ। 8.91 लाख मतदाताओं ने भाग लिया।

24 अक्टूबर 2026

सरपंच और वार्ड पंच चुनाव

326 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हुआ। 2097 प्रत्याशी मैदान में थे।

24-25 अक्टूबर 2026

मतगणना और परिणाम

मतदान केंद्रों पर ही मतगणना हुई। देर रात तक परिणाम घोषित किए गए। कुल मतदान 85.69% रहा।

28 अक्टूबर 2026

विस्तृत परिणाम विश्लेषण

सभी 9 पंचायत समितियों के नवनिर्वाचित सरपंचों की आधिकारिक सूची जारी।

लोकतांत्रिक महत्व और सबक

भीलवाड़ा पंचायत चुनाव 2026 यह सिद्ध करता है कि भारत का ग्रामीण लोकतंत्र जीवंत और सक्रिय है। 85.69% मतदान किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए असाधारण उपलब्धि है, जो मतदाताओं की राजनीतिक जागरूकता और स्थानीय शासन में उनकी आस्था को दर्शाता है।

यह चुनाव यह भी सिखाता है कि हर वोट की कीमत होती है—रेखा व्यास की 1 वोट से जीत इसका प्रमाण है। साथ ही, दुर्गादेवी टांक की 679 मतों की जीत बताती है कि जनता अपने प्रतिनिधि को स्पष्ट जनादेश देती है। ईवीएम खराबी जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराया, जो प्रशासनिक कुशलता का उदाहरण है।

इस चुनाव का एक और महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सरपंच पद पर जीत दर्ज की। सुवाणा, माण्डल, जहाजपुर, बनेड़ा, बिजौलियां, करेड़ा, कोटड़ी, मांडलगढ़ और खजूरी—हर पंचायत समिति में महिला सरपंच निर्वाचित हुईं, जो ग्रामीण राजनीति में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

भीलवाड़ा पंचायत चुनाव 2026 में कुल कितने प्रत्याशी थे?

जिले की 326 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए कुल 2,097 प्रत्याशी मैदान में थे।

सबसे अधिक मतदान किस पंचायत समिति में हुआ?

सुवाणा पंचायत समिति में 89.31% मतदान हुआ, जो जिले में सर्वाधिक था।

सबसे बड़ी जीत किस प्रत्याशी ने दर्ज की?

पीपलूंव (जहाजपुर) से दुर्गादेवी टांक ने 679 मतों के अंतर से जीत दर्ज की—यह जिले की सबसे बड़ी जीत रही।

1 वोट से कौन जीता?

उमरी (करेड़ा) से रेखा व्यास महज़ 1 वोट के अंतर से विजयी घोषित हुईं।

क्या चुनाव में कोई तकनीकी खराबी आई?

हाँ, माण्डल के करिया, बागौर के लेसवा और सुवाणा के बूथ संख्या 208 पर ईवीएम खराबी की खबरें आईं, लेकिन प्रशासन ने तुरंत व्यवस्था सुधारी।

क्या इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही?

हाँ, हर पंचायत समिति में महिला सरपंच निर्वाचित हुईं, जो महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है।

चुनाव परिणामों की आधिकारिक पुष्टि कैसे करें?

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अंतिम सूची ही सर्वमान्य है।

स्रोत और संदर्भ

  • राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग — आधिकारिक चुनाव परिणाम और अधिसूचनाएँ। [official website]
  • दैनिक भास्कर (हिंदी) — “भीलवाड़ा में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू” (22 अक्टूबर 2026)। लिंक
  • ETV Bharat (हिंदी) — “भीलवाड़ा में 326 सरपंच पदों पर वोटिंग जारी” (24 अक्टूबर 2026)। लिंक
  • प्रातःकाल — “भगवानपुरा में सरपंच चुनाव परिणाम पर विवाद” (26 अक्टूबर 2026)। लिंक

उपरोक्त स्रोतों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। निर्वाचन विभाग की अंतिम सूची ही सर्वमान्य है।